I don't write stuff in hindi much nowadays, but came up with these - the second one under the effect of the hijr hormones, and the first when challenged to fit lyrics to an existing tune in Raag Desh.
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आयो डार डार बसंत आज
हरित मास में, त्वरित साँस से, जपता जा ओ कवि,
C G G C
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जा चला जा बदरा मेघा मोरे के काम का
जाने ना मोरा करजवा जिया,
माने ना मोरा अरजवा जिया,
बिरहा मोरे के काम का
इस बार जो तन के मैं आया देखन
उस पार दर्पण के था कोइ पर जन
मुरदार जड तन पे छिडके है जल घन
आषाढ़ बादल, बेकार सावन
ढ़ाई बरस आराम बीते,
आखर ढ़ाइ भये नाम के
आ नहीं रहे वो हियाँ,
जा नहीं सकूँ हूँ तियाँ
छन बीते दिन बीतत नाहीं,
कौन उन्हें समझाये
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साँस जमीं थी,
चहूँ ओर शिशिर
था फूटत नाहीं
राग,
C Dm
C Dm
आस लगी थी,
मास गये घन, आयो आखिर ताज। आयो आखिर ताज।
C Dm C
C Dm C
आयो डार डार बसंत आज
C
काहे फूल फूल जन ना हँसे
Dm
सब शीत मीत खुल ना रचें
सब शीत मीत खुल ना रचें
Dm
नए प्राण भये भगवान राज।। आयो ।।
C | G Dm C
नए प्राण भये भगवान राज।। आयो ।।
C | G Dm C
साँवरे सजे थे बदरा, के थे श्वेत हिम सघन
C Dm
C Dm
आज लागे नव धरा को, साफ सुंदर नव गगन
C Dm
C Dm
नहीं ऊन धून, के बहार सुन, कर आकुलाए छेड साज आयो
Dm G G Dm C
Dm G G Dm C
हरित मास में, त्वरित साँस से, जपता जा ओ कवि,
C G G C
मेघ है नहीं, हेम जा कहीं लापता, आओ रवि
Dm C G C
Dm C G C
फिर जाग आग बरसा भूमी पर,
Dm
Dm
भंग रंग युगल चखें होरी, तर
Dm
Dm
वसन मगन तन मन निलाज।। आयो ।।
G Dm C
G Dm C
जा चला जा बदरा मेघा मोरे के काम का
जाने ना मोरा करजवा जिया,
माने ना मोरा अरजवा जिया,
बिरहा मोरे के काम का
इस बार जो तन के मैं आया देखन
उस पार दर्पण के था कोइ पर जन
मुरदार जड तन पे छिडके है जल घन
आषाढ़ बादल, बेकार सावन
ढ़ाई बरस आराम बीते,
आखर ढ़ाइ भये नाम के
आ नहीं रहे वो हियाँ,
जा नहीं सकूँ हूँ तियाँ
छन बीते दिन बीतत नाहीं,
कौन उन्हें समझाये


